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Go First को मिली डीजीसीए से परिचालन दोबारा शुरू करने की मंजूरी

भारत के विमानन नियामक (DGCA) ने इस महीने की शुरुआत में मल्टी-लोकेशन ऑडिट करने के बाद गो फर्स्ट (Go First) को परिचालन फिर से शुरू करने की सशर्त अनुमति दी है। इस एयरलाइन का फिर से उड़ान भरना इतिहास रचने से कम नहीं होगा, क्योंकि कोई भी एयरलाइन 24 घंटे से अधिक समय तक बंद रहने के बाद आसमान में उतरने में सक्षम नहीं होती है।

Tata Steel Ltd Shares Latest News : मेटल पर नजरिया सकारात्मक, लेकिन निवेश के हालात नहीं

विनय मिश्र : मेटल इंडेक्स पर आपका क्या नजरिया है ? टाटा स्टील, नाल्को, सेल किस स्तर तक जा सकते हैं ?

रिलायंस का डीमर्जर : देवेन चोकसी से जानें कितनी बड़ी है जियो फाइनेंशियल

रिलायंस के डीमर्जर के बाद जियो फाइनेंशियल की लिस्टिंग और रिलायंस के तिमाही नतीजों पर प्रस्तुत है डी. आर. चोकसी फिनसर्व के एमडी देवेन चोकसी से निवेश मंथन के संपदक राजीव रंजन झा की यह बातचीत।

खुदरा मुद्रास्फीति में नरमी थमी, जून में बढ़कर 4.81% पर पहुँची

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा बुधवार (12 जुलाई) को जारी आँकड़ों के अनुसार, सब्जियों की कीमतों में वृद्धि और अनुकूल आधार प्रभाव खत्म होने से भारत की प्रमुख खुदरा मुद्रास्फीति दर जून में बढ़कर 4.81% हो गई, जो मई में 4.31% थी।

USFDA की जाँच रिपोर्ट से Lupin का शेयर 52 सप्ताह के उच्च स्तर पर

दवा कंपनी ल्युपिन (Lupin Ltd) को यूनाइटेड स्टेट्स फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (USFDA) से स्थापना निरीक्षण रिपोर्ट (EIR) मिलने के बाद बुधवार (12 जुलाई) को शुरुआती कारोबार में कंपनी का शेयर एनएसई पर दो प्रतिशत चढ़कर 52 सप्ताह के उच्च स्तर 942.95 रुपये पर पहुँच गया।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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