शेयर मंथन में खोजें

लार्सन ऐंड टुब्रो (Larsen & Toubro) के बायबैक ऑफर में लें हिस्सा - ओम कैपिटल (Aum Capital)

ओम कैपिटल (Aum Capital) ने निवेशकों को तकनीक, इंजीनियरिंग, निर्माण और वित्तीय सेवा प्रदाता लार्सन ऐंड टुब्रो (Larsen & Toubro) के बायबैक ऑफर में भाग लेने की सलाह दी है।

लार्सन ऐंड टुब्रो अपने बायबैक ऑफर में 6,10,16,949 इक्विटी शेयर वापस खरीदेगी, जो इसकी कुल चुकता पूँजी के 4.29% हैं। कंपनी 1,475 रुपये प्रति शेयर की दर से बायबैक पर अधिकतम 9,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। लार्सन ऐंड टुब्रो ने 15 अक्टूबर को बायबैक के लिए बतौर रिकॉर्ड तिथि निर्धारित किया है।
बायबैक में हिस्सा लेने के लिए निवेशकों के पास रिकॉर्ड तिथि पर शेयर होना जरूरी है। गौरतलब है कि लार्सन ऐंड टुब्रो द्वारा बायबैक के लिए रखा गया भाव इसके बुधवार के बंद स्तर (1244.45 रुपये) से 19% अधिक है, जो कंपनी के प्रति शेयर कंसोलिडेटेड बुक वैल्यू का चार गुना है।
1,800 करोड़ डॉलर वाली लार्सन ऐंड टुब्रो के संबंध में ओम कैपिटल ने अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया है कि यह इन्फ्रा, निर्माण, रक्षा, हाइड्रोकार्बन, ऊर्जा, जहाज निर्माण, एयरोस्पेस और खनन जैसे प्रमुख क्षेत्रों की महत्वपूर्ण जरूरतें पूरी करती है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 30 से अधिक देशों में मौजूद लार्सन ऐंड टुब्रो की शुद्ध बिक्री साल दर साल आधार पर 18% की बढ़त के साथ 28,283 करोड़ रुपये और कारोबारी लाभ 25% अधिक 4,812 करोड़ रुपये रहा। वहीं इसका शुद्ध लाभ 893 करोड़ रुपये से 36% बढ़ कर 1,215 करोड़ रुपये रहा।
2017 की अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी को 26,400 करोड़ रुपये के ठेके मिले थे। इसके मुकाबले 2018 की समान अवधि में कंपनी को 37% अधिक 36,142 करोड़ रुपये के ठेके मिले। जून समाप्ति पर कंपनी के पास कुल 2,71,732 करोड़ रुपये के ठेके थे, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 3% ज्यादा है। (शेयर मंथन, 04 अक्टूबर 2018)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख