शेयर मंथन में खोजें

दोगुने से अधिक रहा बायोकॉन (Biocon) का मुनाफा

साल दर साल आधार पर चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में बायोकॉन (Biocon) के मुनाफे में 136.3% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है।

कंपनी का मुनाफा 91.9 करोड़ रुपये से बढ़ कर 217.2 करोड़ रुपये रहा। इस दौरान बायोकॉन की शुद्ध आमदनी भी 1,057.9 करोड़ रुपये से 45.6% अधिक 1,540.8 करोड़ रुपये रही। साथ ही कंपनी का एबिटा 71.7% की बढ़ोतरी के साथ 380.70 करोड़ रुपये और एबिटा मार्जिन 375 आधार अंक अधिक 24.7% रहा।
प्रमुख ब्रोकिंग आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने बायोकॉन के नतीजों को हर मोर्चे पर अनुमानों से बेहतर बताया है। ब्रोकिंग फर्म ने 188.7 करोड़ रुपये के मुनाफे के साथ बायोकॉन की शुद्ध आमदनी के 1,382.40 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया था।
अलग-अलग क्षेत्रों पर नजर डालें तो बायोकॉन की छोटे अणु उत्पाद आमदनी 27.1% की बढ़ोतरी के साथ 468.9 करोड़ रुपये, जीवविज्ञान आमदनी 136.4% अधिक 448.6 करोड़ रुपये, ब्रांडेड फॉर्मुलेशंस व्यवसाय 35.9% अधिक 212.2 करोड़ रुपये और रिसर्च सेवा आमदनी में 20.5% की वृद्धि दर्ज की गयी।
हालाँकि जोरदार नतीजों से बायोकॉन के शेयर को सहारा मिलता नहीं दिख रहा है। बीएसई में बायोकॉन का शेयर 670.55 रुपये के पिछले बंद स्तर की तुलना में आज बढ़ोतरी के साथ 682.00 रुपये पर खुल कर अभी तक के कारोबार में 656.70 रुपये के निचले स्तर तक फिसला है।
करीब सवा 11 बजे यह 5.65 रुपये या 0.84% की कमजोरी के साथ 664.90 रुपये के भाव पर चल रहा है। बता दें कि पिछले 52 हफ्तों में बायोकॉन के शेयर का सर्वाधिक भाव 718.35 रुपये और निचला स्तर 543.80 रुपये रहा है। (शेयर मंथन, 25 जनवरी 2019)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख