शेयर मंथन में खोजें

पावर ग्रिड (Power Grid) ने कमाया 2,331 करोड़ रुपये का मुनाफा

2018 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में साल दर साल आधार पर विद्युत उपयोगिता कंपनी पावर ग्रिड (Power Grid) ने 14.22% की बढ़ोतरी के साथ 2,331.17 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया।

इसके मुकाबले 2017 की समान तिमाही में पावर ग्रिड 2,040.83 करोड़ रुपये के मुनाफे में रही थी। इस अवधि में कंपनी की शुद्ध आमदनी भी 7,506.95 करोड़ रुपये से 12.84% की बढ़ोतरी के साथ 8,471.17 करोड़ रुपये रही।
हालाँकि कंपनी के वित्तीय नतीजे जानकारों के अनुमान से कमजोर रहे हैं। बाजार जानकारों ने कंपनी की 8,550 करोड़ रुपये की शुद्ध आमदनी का अनुमान लगाया था।
वहीं पावर ग्रिड का एबिटा साल दर साल आधार पर ही 12.3% की वृद्धि के साथ 7,569 करोड़ रुपये रहा। मगर कर्मचारी लागत में 18.5% की बढ़ोतरी के कारण एबिटा मार्जिन 41 आधार अंक घट कर 89.4% रह गया।
इसके अलावा पावर ग्रिड की वितरण आमदनी 13% बढ़ कर 8,272 करोड़ रुपये, कंसल्टेंसी आमदनी 8.9% अधिक 156 करोड़ रुपये और दूरसंचार आमदनी 12.6% की वृद्धि के साथ 196 करोड़ रुपये रही।
दूसरी तरफ बीएसई में पावर ग्रिड का शेयर 187.05 रुपये के पिछले बंद स्तर के मुकाबले आज सुबह मामूली बढ़त के साथ 188.30 रुपये पर खुला। कारोबार के दौरान कंपनी के शेयर का ऊपरी स्तर 191.55 रुपये और निचला स्तर 187.00 रुपये रहा। अंत में यह 1.60 रुपये या 0.86% की बढ़ोतरी के साथ 188.65 रुपये के भाव पर बंद हुआ। (शेयर मंथन, 31 जनवरी 2019)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख