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जीएसटी सुधार और खाद्य कीमतों में कमी से घटी खुदरा महँगाई : रजनी सिन्हा

केयरएज रेटिंग्स ने खुदरा महँगाई 0.25% के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुँचने के दो प्रमुख कारण बताये हैं। इसने कहा है कि हाल के जीएसटी सुधारों और खाद्य कीमतों में आ रही गिरावट के चलते ऐसा संभव हुआ है।

आरबीआई (RBI) ने नहीं बदलीं ब्याज दरें, तेज आर्थिक वृद्धि और कम महँगाई की आशा

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आज बुधवार (1 अक्टूबर) को अपनी मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में लिये गये निर्णयों की घोषणा की।

क्या ट्रंप और मोदी के बीच टैरिफ युद्ध से भारतीय अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी?

भारत और अमेरिका लंबे समय से वैश्विक आर्थिक प्रणाली के महत्वपूर्ण साझेदार रहे हैं। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है और दोनों देशों के बीच सैकड़ों अरब डॉलर का व्यापार होता है। लेकिन हाल के महीनों में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और बयानों ने रिश्तों में जटिलता पैदा कर दी है। क्या ट्रंप और मोदी के बीच टैरिफ युद्ध से भारतीय अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी?

जीडीपी की हकीकत क्या है? विश्लेषक से जानें भारत की जीडीपी और आर्थिक संकेत क्या है?

भारत की दूसरी तिमाही (जुलाई–सितंबर) में जीडीपी डेटा ने बाज़ार को सकारात्मक सरप्राइज दिया है। निर्माण और सेवा क्षेत्र दोनों ही मजबूत बने हुए हैं। जानें जीडीपी की सच्चाई मुख्य अर्थशास्त्री इंडिया रेटिंग देवेंद्र कुमार पंत और बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार क्या कहते है?

भूले-बिसरे, पुराने बैंक खाते और उसमें पड़ी अनक्लेम्ड राशि की जानकारी उद्गम पोर्टल पर ढूँढें

अगर आपने कभी किसी बैंक में खाता खुलवाया था और फिर उसे भूल गए, तो जरा ध्यान दीजिए। क्योंकि ऐसा ही पैसा, जिसे न तो निकाला गया, न ही इस्तेमाल किया गया, अब बड़ी रकम बन चुका है। जून 2025 के अंत तक, भारतीय बैंकों में कुल 67,003 करोड़ रुपये की अनक्लेम्ड डिपॉजिट राशि पड़ी हुई है। ये जानकारी संसद में 28 जुलाई को सरकार ने दी।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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