डॉलर के मजबूती से सर्राफा की कीमतों में गिरावट के संकेत - एसएमसी
सर्राफा की कीमतों पद बिकवाली का दबाव रहने की संभावना है।
सर्राफा की कीमतों पद बिकवाली का दबाव रहने की संभावना है।
कॉटन वायदा (अक्टूबर) की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ 19,300 रुपये के स्तर पर पहुँच जाने की संभावना है।
सोयाबीन वायदा (नवम्बर) की कीमतों के 4,100-4,200 रुपये के दायरे में सीमित कारोबार करने की संभावना है।
मंगलवार की कमजोरी के बाद बुधवार को भी अमेरिकी बाजार के दिग्गज सूचकांक डॉव जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज (Dow Jones Industrial Average) में गिरावट देखी गयी।
हाजिर बाजारों से नकारात्मक संकेत के कारण हल्दी वायदा (नवम्बर) की कीमतों में 5,700 रुपये तक गिरावट होने की संभावना है।
कारोबारी सत्र के आखिरी घंटे में उभरी खरीदारी की वजह से आज भी भारतीय बाजार के अहम सूचकांक तेजी के साथ बंद होने में कामयाब रहे।
दिग्गज आईटी सेवा प्रदाता कंपनी इन्फोसिस (Infosys) ने कारोबारी साल 2020-21 की जुलाई-सितंबर तिमाही में 4,845 करोड़ रुपये का लाभ हासिल किया है।
कॉटन वायदा (अक्टूबर) की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ 19,000-19,100 रुपये के स्तर पर पहुँच जाने की संभावना है।
सोयाबीन वायदा (नवम्बर) की कीमतों के 4,050-4,150 रुपये के दायरे में सीमित कारोबार करने की संभावना है।
हाजिर बाजारों से नकारात्मक संकेत के कारण हल्दी वायदा (नवम्बर) की कीमतों में 5,700 रुपये तक गिरावट होने की संभावना है।
अमेरिका में स्टिमुलस की अनिश्चितताओं के बीच मंगलवार को अमेरिकी बाजार के दिग्गज सूचकांक डॉव जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज (Dow Jones Industrial Average) में गिरावट दर्ज की गयी।
बीती जुलाई-सितंबर तिमाही में आईटी कंपनी विप्रो (Wipro) का मुनाफा साल-दर-साल 3.4% घट कर 2,466 करोड़ रुपये रह गया।
कारोबारी हफ्ते के दूसरे दिन मंगलवार को भारतीय बाजार के अहम सूचकांक आखिरकार लगभग सपाट रहे।
कच्चे तेल की कीमतों के एक बड़े दायरे में कारोबार करने की संभावना हैं और कीमतों को 2,960 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 2,840 रुपये के स्तर पर सहारा रह सकता है।
बेस मेटल की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना हैं लेकिन उच्च स्तर से गिरावट होने की संभावना है।
सर्राफा की कीमतों पद बिकवाली का दबाव रहने की संभावना है। सोने की कीमतों में 51,470 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 50,600 रुपये तक गिरावट हो सकती है जबकि चांदी की कीमतों में काफी अधिक उठापटक हो सकती है और कीमतों में 63,780 रुपये के स्तर पर रुकावट के साथ 61,800 रुपये तक गिरावट हो सकती है।