बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) ने घटायी एमसीएलआर, शेयर कमजोरी के साथ बंद
बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) ने अपनी मौजूदा एमसीएलआर (MCLR) में कटौती का ऐलान किया है।
बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) ने अपनी मौजूदा एमसीएलआर (MCLR) में कटौती का ऐलान किया है।
मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार के दिग्गज सूचकांक बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) और एनएसई निफ्टी (NSE Nifty) गिरावट दर्ज करने के बाद बंद हुए।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर सोमवार के कारोबार में वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) का शेयर फिसल कर 6.07 रुपये पर चला गया।
कारोबारी हफ्ते के पहले दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार के दिग्गज सूचकांक बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) और एनएसई निफ्टी (NSE Nifty) हल्की मजबूती के साथ बंद हुए।
ऐक्सिस बैंक के समूह कार्यकारी और मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) जयराम श्रीधरन (Jairam Sridharan) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, हालांकि वे अगले तीन महीनों तक अपने पद पर बने रहेंगे।
निवेशकों में उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (Ujjivan Small Finance Bank) के आईपीओ (IPO) के लिए जोरदार माँग देखी गयी और यह साल का सर्वाधिक माँग वाला आईपीओ साबित हुआ है।
29 नवंबर को समाप्त हुआ सप्ताह लगातार दसवाँ ऐसा सप्ताह रहा, जब देश का विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) या फॉरेक्स (Forex) नये सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर पहुँच गया।
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार के कारोबार में वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) के शेयर में गिरावट दर्ज की गयी।
कारोबारी हफ्ते के अंतिम दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार का दिग्गज सूचकांक बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) और एनएसई निफ्टी (NSE Nifty) गिरावट के साथ बंद हुए।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 2019-20 की पाँचवीं द्वैमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में सबकी आशाओं को तोड़ते हुए अपनी नीतिगत ब्याज दरों में कटौती नहीं की।
जीडीपी वृद्धि के ताजा आँकड़ों के आने के बाद रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने 2019-20 की सालाना विकास दर के लिए अपने अनुमानों में तीखी कटौती कर दी है।
सोमवार के कारोबार में शेयर बाजार में ऑटो क्षेत्र में कमजोरी का ही रुझान दिखा। जहाँ बीएसई सेंसेक्स 8 अंक की नाम-मात्र की बढ़त के साथ सपाट रह कर 40,802 पर बंद हुआ, वहीं बीएसई ऑटो सूचकांक में 0.94% की गिरावट आयी।
पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष डी. के. अग्रवाल ने विकास दर के ताजा आँकड़ों पर कहा है कि भले ही जीडीपी वृद्धि दर बीती तिमाही में काफी तीखे ढंग से घट कर 4.5% पर आ गयी है, बीते कुछ महीनों में किये गये कई सुधारों से देश में विकास फिर से तेज होगी।
कारोबारी साल 2019-20 की दूसरी तिमाही में जीडीपी (GDP) के कमजोर आँकड़ों पर उद्योग जगत ने चिंता तो जतायी है, लेकिन इसे अनपेक्षित नहीं बताया है।
केन्द्र सरकार की ओर से जारी किये गये ताजा आँकड़ों के मुताबिक अक्टूबर 2019 में देश के आठ मुख्य उद्योग (Core Sector) 5.8% की दर से सिकुड़ गये।
वित्तीय वर्ष 2019-20 की दूसरी तिमाही यानि जुलाई-सितंबर तिमाही में देश के जीडीपी विकास (GDP growth) की दर 4.5% रही है।