उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा पर भीषण वर्षा होने की संभावना - स्काईमेट (Skymet)
मौसम भविष्यवक्ता एजेंसी स्काईमेट (Skymet) के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान समुद्री हालत बेहद खराब रहेंगे और वायु की गति 110 किलोमीटर तक पहुँच जायेगी।
मौसम भविष्यवक्ता एजेंसी स्काईमेट (Skymet) के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान समुद्री हालत बेहद खराब रहेंगे और वायु की गति 110 किलोमीटर तक पहुँच जायेगी।
सोमवार को सोने-चाँदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है।
अंतराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ गया है।
प्रमुख आईटी सेवा प्रदाता इन्फोसिस (Infosys) ने क्लाउड कम्प्यूटिंग कंपनी क्लाउडएन्ड्योर (CloudEndure) में हिस्सेदारी बेचने के करार किया है।
सरकारी विद्युत कंपनी एनटीपीसी (NTPC) ने बरौनी ताप विद्युत संयंत्र (Barauni Thermal Power Station) का अधिग्रहण किया है।
कारोबारी सप्ताह के पहले दिन मजबूत शुरुआत के बाद बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक बढ़त बनाये हुए हैं।
किसानों की आय में बढ़ोतरी करने और फसलों के उत्पादन लागत का 1.5 गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्रदान करने के वादे को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने 2018-19 के रबी फसलों के एमएमसी में 50-112% की बढ़ोतरी की है।
एसएमसी कमोडिटी की साप्ताहिक रिपोर्ट के अनुसार चीन के साथ संभावित व्यापार करार को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के सकारात्मक बयान के बाद बेस मेटल की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ सीमित दायरे में रहने की संभावना है।
एसएमसी कमोडिटी ने अपनी साप्ताहिक रिपोर्ट में जिक्र किया है कि मिले-जुले फंडामेंटल के कारण कच्चे तेल की कीमतों के सीमित दायरे में रहने की संभावना है।
एसएमसी कमोडिटी ने अपनी साप्ताहिक रिपोर्ट में जिक्र किया है कि सर्राफा की कीमतों में तेजी का रुझान रहने की संभावना है, लेकिन रुपये के मजबूत होने के कारण उच्च स्तर पर मुनाफा वसूली से इंकार नहीं किया जा सकता है।
गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) लागू होने के बाद एक औसत भारतीय परिवार को अनाज, खाद्य तेल और सौंदर्य प्रसाधन समेत रोजमर्रा की जरूरतों के अन्य सामानों की 8,400 रुपये की मासिक खरीद पर टैक्स में औसतन 320 रुपये तक की बचत हो रही है।
सोयाबीन वायदा (जनवरी) की कीमतों में 3,355 रुपये के नजदीक सहारा के साथ 3,390-3,400 रुपये तक रिकवरी दर्ज की जा सकती है।
पिछले कई हफ्तों से हल्दी की कीमतों में गिरावट हो रही थी, लेकिन पिछले हफ्ते कीमतों में अच्छी-खासी रिकवरी दर्ज की गयी।
मिले-जुले फंडामेंटल के कारण कच्चे तेल की कीमतों के सीमित दायरे में रहने की संभावना है।
चीन के साथ संभावित व्यापार करार को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के सकारात्मक बयान के बाद बेस मेटल की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ सीमित दायरे में रहने की संभावना है।