कुछ अलग-सा दिसंबर
राजीव रंजन झा
साल के अंतिम महीने ने इस साल कुछ अलग अंदाज में दस्तक दी है। कल शुरुआती बढ़त के बाद बाजार जिस तरह से फिसला, वह अपने-आप में कोई अच्छा संकेत नहीं था। उसके बाद आज के अंतरराष्ट्रीय संकेतों को देखें, तो एकबारगी दिल दहल ही जाता है।