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कंपनियों की सुर्खियाँ

टाटा मोटर्स का टाटा पावर की सब्सिडियरी के साथ करार

टाटा पावर की सब्सिडियरी ने टाटा मोटर्स के साथ करार किया। आपको बता दें कि टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (TPREL) टाटा पावर की सब्सिडियरी है। सब्सिडियरी ने यह करार टाटा मोटर्स की पंतनगर इकाई के साथ किया है।

महिंद्रा ऐंड महिंद्रा ने लिया एसयूवी रीकॉल का फैसला

ऑटो सेक्टर की दिग्गज कंपनी महिंद्रा ऐंड महिंद्रा ने एसयूवी (SUV) यानी स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल में तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए गाड़ियों को रीकॉल करने का फैसला लिया है। कंपनी करीब 1.08 लाख गाड़ियों को रीकॉल करेगी।

सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिए एनएलसी का आरयूवीएनएल के साथ करार

एनएलसी (NLC) इंडिया ने सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिए करार किया है। कंपनी ने यह करार राजस्थान ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (RUVNL) के साथ किया है। यह करार 300 मेगा वाट सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिए किया है।

जायडस लाइफसाइंसेज के दवा की अर्जी को यूएसएफडीए से मंजूरी

जायडस लाइफसाइंसेज को अमेरिकी ड्रग रेगुलेटर यूएसएफडीए (USFDA) से दवा के लिए अंतिम मंजूरी मिली है। कंपनी को यह मंजूरी डोक्सेपिन (Doxepin) टैबलेट के लिए मिली है। यह दवा 3 मिली ग्राम और 6 मिली ग्राम के दो क्षमताओं में मौजूद होगी।

ग्लेनमार्क फार्मा के दवा की अर्जी को यूएसएफडीए से मंजूरी

दवा कंपनी ग्लेनमार्क फार्मा की अर्जी को अमेरिकी ड्रग रेगुलेटर यानी यूएसएफडीए से अंतिम मंजूरी मिली है। कंपनी को Tacrolimus यानी टैक्रोलिमस दवा की अर्जी sANDA मंजूरी मिली है। इसे sANDA (Supplemental Abbreviated New Drug Application) यानी सप्लीमेंटल एब्रिविएटेड न्यू ड्रग एप्लीकेशन कहा जाता है।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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