थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महँगाई दर में और गिरावट दर्ज की गयी है और यह 8 नवंबर को समाप्त सप्ताह में 0.08% घट कर 8.9% रह गयी है। इससे पिछले सप्ताह में यह 8.98% दर्ज की गयी थी। हालांकि ठीक एक वर्ष पहले महँगाई दर 3.20% रही थी।
इंडिया इन्फोलाइन की एक ताजा रिपोर्ट निफ्टी कंपनियों के मुनाफे को लेकर खतरे की घंटी बजा रही है। इसमें कहा गया है कि अगली 3-4 तिमाहियों में कंपनियों का मुनाफा काफी खराब रह सकता है। दबाव वाली स्थिति (स्ट्रेस-केस) मान कर किये गये विश्लेषण में अनुमान जताया गया है कि 2008-09 की दूसरी छमाही में निफ्टी में शामिल कंपनियों का कुल मुनाफा पहली छमाही के मुकाबले 19% कम रहेगा। वहीं 2009-10 में यह मुनाफा 2007-08 के स्तर से भी नीचे जा सकता है।