एल्युमीनियम में बढ़त, बेस मेटल की कीमतों में तेजी के रुझान - एसएमसी
बेस मेटल की कीमतों में तेजी रहने की संभावना हैं। तांबे की कीमतें 585 रुपये के स्तर पर सहारा के साथ 590 रुपये के स्तर पर पहुँच सकती है।
बेस मेटल की कीमतों में तेजी रहने की संभावना हैं। तांबे की कीमतें 585 रुपये के स्तर पर सहारा के साथ 590 रुपये के स्तर पर पहुँच सकती है।
सर्राफा की कीमतों में नरमी का रुझान रहने की संभावना है। सोने की कीमतों में 48,000 रुपये के स्तर पर अड़चन के साथ 47,600 रुपये तक गिरावट हो सकती है जबकि चांदी की कीमतों में काफी अधिक उठापटक हो सकती है और कीमतों में 59,780 के स्तर पर बाधा के साथ 58,900 रुपये तक गिरावट हो सकती है।
कॉटन वायदा (दिसंबर) की कीमतों के 19,990-20,150 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है और कीमतों की बढ़त पर रोक लगी रह सकती है क्योंकि हाजिर बाजारों में आपूर्ति तेज होने लगी है।
सोयाबीन वायदा (दिसंबर) की कीमतों के 4,415-4,480 रुपये के दायरे में सीमित कारोबार करने की उम्मीद है।
मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार के महत्वपूर्ण सूचकांक तेजी दर्ज करने के बाद बंद हुए।
कमजोर फंडामेंटल के कारण बाजार में नरमी के सेटीमेंट से हल्दी वायदा (दिसंबर) की कीमतों के 5,490-5,560 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है और कीमतों की बढ़त पर रोक लगी रह सकती है।
एयूएम कैपिटल के रिसर्च प्रमुख राजेश अग्रवाल (Rajesh Agarwal) ने बुधवार (02 दिसंबर) के एकदिनी कारोबार के लिए अपोलो हॉस्पिटल (Apollo Hospitals), आदित्य बिड़ला कैपिटल (Aditya Birla Capital), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (Tata Consultancy Services), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) और इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) के शेयर खरीदने की सलाह दी है।
दोपहर बाद आयी तेजी की बदौलत मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार के दिग्गज सूचकांक नये सर्वकालिक उच्चतम स्तरों पर बंद होने में सफल रहे।
कच्चे तेल की कीमतें तेजी के रुझान के साथ 3,250-3,450 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती हैं क्योंकि एक प्रभावी कोविड-19 वैक्सीन की संभावना, अधिक सामान्य आर्थिक स्थितियों की वापसी को लेकर उम्मीद जारी रहने और ओपेक एवं उसके सहयोगी देशों द्वारा तेल के उत्पादन रोक लगाये रखने की उम्मीद से तेल बाजार के सेंटीमेंट में बढ़ोतरी हुई है।
बेस मेटल की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ एक दायरे में कारोबार करने की संभावना हैं लेकिन उच्च स्तर पर मुनाफा वसूली से इनकार नहीं किया जा सकता है।
कॉटन वायदा (दिसंबर) की कीमतों के 19,500-20,500 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है और कीमतों की बढ़त पर रोक लगी रह सकती है क्योंकि हाजिर बाजारों में आपूर्ति तेज होने लगी है।
कमजोर फंडामेंटल के कारण बाजार में नरमी के सेटीमेंट से हल्दी वायदा (दिसंबर) की कीमतों में तेज गिरावट जारी रह सकती है और 5,300-5,200 रुपये के स्तर तक गिरावट होने की संभावना है।
सोयाबीन वायदा (दिसंबर) की कीमतों के 4,425-4,580 रुपये के दायरे में सीमित कारोबार करने की उम्मीद है।
तेल की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ कारोबार करने की संभावना हैं और कीमतों को 3,370 रुपये के स्तर पर रुकावट के साथ 3,280 रुपये के स्तर पर सहारा रह सकता है।
बेस मेटल की कीमतों में तेजी रहने की संभावना हैं। तांबे की कीमतें 579 रुपये के स्तर पर सहारा के साथ 586 रुपये के स्तर पर पहुँच सकती है। शंघाई में आज बेस मेटल की कीमतों में नरमी का रुझान है लेकिन और लंदन में कीमतों में तेजी का रुझान है।