सोया तेल में बाधा, सरसों की कीमतों में उच्च स्तर पर मुनाफा वसूली की संकेत - एसएमसी
सोयाबीन वायदा (सितम्बर) की कीमतों के 3,760-3,820 रुपये के दायरे में सीमित दायरे में कारोबार की संभावना है।
सोयाबीन वायदा (सितम्बर) की कीमतों के 3,760-3,820 रुपये के दायरे में सीमित दायरे में कारोबार की संभावना है।
हल्दी वायदा (सितम्बर) की कीमतों में 6,000 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 5,700 रुपये तक गिरावट होने की संभावना है।
शेयर बाजार में भले ही इस समय अच्छी तेजी दिख रही हो, लेकिन इक्विटी म्यूचुअल फंडों में निवेश के मासिक आँकड़े चौंकाने वाले रहे हैं। चार साल में पहली बार ऐसा हुआ है, जब इक्विटी म्यूचुअल फंडों में शुद्ध निवेश नकारात्मक हो गया है।
कारोबारी हफ्ते के पहले दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार के अहम सूचकांक मजबूती के साथ बंद हुए।
कोरोना वायरस मामलों के बढ़ोतरी के बीच ईंधन की माँग में वृद्धि को लेकर चिंता और एक नये स्टीमुलस सौदे पर संयुक्त राज्य में वार्ता रुकने से कच्चे तेल की कीमतें उच्च स्तर से फिसल गयी है।
बेस मेटल की कीमतों के एक दायरे में कारोबार करने की संभावना हैं, लेकिन उच्च स्तर पर मुनाफा वसूली से इनकार नहीं किया जा सकता है।
सर्राफा की कीमतें अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुँच गयी हैं और लगातार नौवें हफ्ते बढ़त दर्ज की है।
कॉटन वायदा (अगस्त) की कीमतों को 16,150 रुपये के पास सहारा मिलने की उम्मीद है, जबकि कीमतों में 16,500-16,700 रुपये तक बढ़ोतरी हो सकती है।
हल्दी वायदा (सितम्बर) की कीमतों के 5,750-6,050 रुपये के दायरे में मजबूत होने की संभावना है और कीमतों की बढ़त पर रोक लगी रह सकती है।
सोयाबीन वायदा (सितम्बर) की कीमतों में 3,700 के सहारा के साथ 3,930-4,000 रुपये तक बढ़त दर्ज किये जाने की संभावना है।
कच्चे तेल की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना हैं और कीमतों को 3,260 रुपये के स्तर पर अड़चन के साथ 3,080 के स्तर पर सहारा रह सकता है।
बेस मेटल की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना हैं।
सर्राफा की कीमतों की तेजी पर रोक लग सकती है और गिरावट दर्ज की जा सकती है।
सोयाबीन वायदा (सितम्बर) की कीमतों में 3,770 रुपये के सहारा के साथ 3,860-3,880 रुपये तक बढ़त दर्ज किये जाने की संभावना है।
हल्दी वायदा (सितम्बर) की कीमतों के 5,850-5,950 रुपये के दायरे में मजबूत होने की संभावना है और कीमतों की बढ़त पर रोक लगी रह सकती है।