एसटीटी (STT) बढ़ने से आर्बिट्राज फंडों पर होगा असर : राधिका गुप्ता
आम बजट 2026-27 में प्रतिभूति लेन-देन कर यानी सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) में किये गये बदलाव ने निवेशकों और म्यूचुअल फंड उद्योग का ध्यान खींचा है।
आम बजट 2026-27 में प्रतिभूति लेन-देन कर यानी सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) में किये गये बदलाव ने निवेशकों और म्यूचुअल फंड उद्योग का ध्यान खींचा है।
कमोडिटी बाजार में हाल के दिनों में सोना और चाँदी में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।पहले इन दोनों की कीमतों में इतनी तेजी आयी कि लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि यह रैली कहाँ जाकर रुकेगी।
अचानक हुई एक घोषणा में अमेरिका ने भारत पर लगाये गये सीमा शुल्क (टैरिफ) को घटा कर 18% कर दिया है। पहले भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारतीय समयानुसार रात 9.16 बजे एक एक्स पोस्ट में जानकारी दी कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अभी-अभी प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत की है। आगे उन्होंने लिखा, “आगे नजर रखें (Stay Tuned)”...
प्रमुख ब्रोकिंग फर्म जेरोधा के संस्थापक नितिन कामत ने बजट में एसटीटी बढ़ाये जाने के चलते वायदा कारोबार (Futures and Options), और खास कर फ्यूचर कारोबार काफी घट जाने की आशंका जतायी है।
बजट भाषण के दौरान एसटीटी से जुड़ी घोषणा आते ही बाजार में जबरदस्त अफरातफरी देखने को मिली। बजट से पहले बाजार में बहुत ज्यादा पॉजिटिव उम्मीदें नहीं थीं, लेकिन इतनी नकारात्मक प्रतिक्रिया की भी तैयारी नहीं थी।
बजट के बाद कैपिटल का री-एलोकेशन होता दिख रहा है। सेक्टर एलोकेशन की बात करें तो बीएफएसआई और कंजम्पशन पर फोकस रखना बेहतर रणनीति मानी जा रही है।
बजट के बाद बाजार में जो तेज़ उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, वह असामान्य नहीं है। ऐसे कई मौके पहले भी आए हैं जब बजट के आसपास 5-6% तक की मूवमेंट देखने को मिली है।
शेयर बाजार में हम अक्सर स्पेकुलेशन की बात करते हैं, लेकिन मौजूदा समय में उससे भी बड़ा स्पेकुलेशन चाँदी और सोने में दिख रहा है। बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते है कि सोने और चाँदी की कीमतों में आगे क्या होगा?
बजट के दिन वित्त मंत्री के लगभग आधे भाषण तक शेयर बाजार ठीक-ठाक ही चल रहा था, पर एसटीटी से जुड़ी घोषणा के तुरंत बाद बाजार एकदम से टूट गया। वायदा कारोबार (F&O) पर एसटीटी बढ़ने की खबर से बाजार को इतना झटका क्यों लगा? आगे बाजार की चाल कैसी रहेगी? अभी निचले भावों पर खरीदारी करें, या बाजार थमने की प्रतीक्षा करें? यह सब समझने और साथ ही शेयरों के बारे में अपने सवाल पूछने के लिए जुड़ें बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार के साथ रविवार, 1 फरवरी 2026 को सायं 7.00 बजे से हो रहे निवेश मंथन के इस लाइव वेबिनार में।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज 1 फरवरी को वित्त-वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किया। इस बजट में आर्थिक वृद्धि को तेज और टिकाऊ बनाने के लिए सात रणनीतिक क्षेत्रों में विनिर्माण (manufacturing) को बढ़ावा दिया गया है। विनिर्माण को प्रोत्साहन समेत कुल 6 ऐसे प्रमुख क्षेत्र चुने गये हैं, जिन पर इस बजट में विशेष ध्यान देकर देश की आर्थिक गति तेज करने का संकल्प किया गया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश केंद्रीय बजट 2026-27 के प्रभाव पर दीपक अग्रवाल, सीआईओ-डेब्ट, कोटक महिंद्रा एएमसी ने अपनी टिप्पणी में कहा है कि यह बजट वित्तीय अनुशासन पर जोर देता है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए एमएसएमई (MSME) और एसएमई क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। एमएसएमई को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए वित्त मंत्री ने चैंपियन एमएसएमई (champion MSMEs) बनाने के लिए तीन-आयामी दृष्टिकोण (three-pronged approach) अपनाने की बात कही।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज (1 फरवरी 2026) संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए भारत की आर्थिक वृद्धि को तेज करने और बनाए रखने के लिए मजबूत रणनीति प्रस्तुत की।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 (India Semiconductor Mission 2.0) की शुरुआत की घोषणा की। यह भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र को मजबूत करने और वैश्विक स्तर पर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बजट को लेकर निवेशकों की उम्मीदें इस बार खास तौर पर शेयर बाजार से जुड़ी हुई हैं। क्या सरकार लॉन्ग टर्म निवेशकों को देगी तोहफा?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कल संसद में यूनियन बजट 2026-27 पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।