शेयर मंथन में खोजें

कंपनियों की सुर्खियाँ

डीसीबी को हिस्सा बिक्री के लिए आरबीआई से मंजूरी मिली

निजी सेक्टर के बैंक डीसीबी (DCB) यानी डेवलपमेंट क्रेडिट बैंक को भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई (RBI) से हिस्सा बिक्री के लिए मंजूरी मिली है। डेवलपमेंट क्रेडिट बैंक को यह मंजूरी टीएएमपीएल (TAMPL) यानी टाटा एसेट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड को हिस्सा बिक्री के लिए मिली है। 

रोलोन हाइड्रॉलिक्स का अधिग्रहण करेगी संवर्धना मदरसन इन्टरनेशनल

ऑटो कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी संवर्धना मदरसन इन्टरनेशनल ने शुक्रवार को एक नए अधिग्रहण की जानकारी दी है। कंपनी बंगलुरू आधारित रोलोन हाइड्रॉलिक्स (Rollon Hydraulics) का अधिग्रहण करेगी। कंपनी ने 100 फीसदी अधिग्रहण के लिए एक करार किया है।

टाटा पावर को छतीसगढ़ में स्मार्ट मीटरिंग प्रोजेक्ट के लिए ऑर्डर मिला

पावर सेक्टर की दिग्गज कंपनी टाटा पावर को CSPDCL यानी सीएसपीडीसीएल से स्मार्ट मीटरिंग प्रोजेक्ट के लिए ऑर्डर मिला। कंपनी को यह ऑर्डर छतीसगढ़ के लिए मिला है। यह ऑर्डर छतीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रब्यूशन कंपनी लिमिटेड यानी सीएसपीडीसीएल से मिला है।

FY24 की पहली तिमाही में एचडीएफसी बैंक के जमा में 19.2 फीसदी की बढ़ोतरी

एचडीएफसी बैंक ने वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही के कारोबारी अपडेट जारी किए हैं। सालाना आधार पर जमा में 19.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है और यह 19.13 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

प्रीमियम एमपीवी (MPV) सेगमेंट में मारुति सुजुकी ने इनविक्टो को बाजार में उतारा

ऑटो सेक्टर की दिग्गज कंपनी और भारत की सबसे बड़ी कार मैन्युफैक्चर करने वाली कंपनी मारुति सुजुकी ने प्रीमियम एमपीवी (MPV) सेगमेंट में प्रवेश की है। कंपनी ने 'INVICTO' को बाजार में उतारा है। इस मल्टी परपस व्हीकल यानी एमपीवी इनविक्टो की शुरुआती कीमत 24.79 लाख रुपये है।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख