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रविवार 02 अक्टूबर : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

दालों का उत्पादन बढ़ाने और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कमीशन फॉर एग्रीकल्‍चरल कॉस्‍ट एंड प्राइस (CACP) ने दालों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 475 रुपये तक की बढ़ोतरी करने की सिफारिश की है।

शनिवार 01 अक्टूबर : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

काले धन की घोषणा से संबंधित आय घोषणा योजना (IDS) 2016 की समय सीमा कल समाप्त हो गयी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि आय कर विभाग (Income Tax Department) ने इस योजना के जरिये 65,250 करोड़ रुपये से अधिक का काला धन सामने आया। इस राशि पर विभाग को कर के रूप में करीब 30,000 करोड़ रुपये (45%) मिलेंगे।

शुक्रवार 30 सितंबर : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) ने अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा पेश करने का समय बदल कर मध्य दोपहर कर दिया है। आरबीआई की अगली मौद्रिक समीक्षा बैठक चार अक्टूबर को होनी है।

बुधवार 28 सितंबर : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (World Economic Forum) की ओर से जारी ग्लोबल कॉम्पिटिटिव इंडेक्स में भारत 16 स्थान चढ़ कर 39वें स्थान पर आ गया है। पड़ोसी देश पाकिस्तान बुरी तरह पिछड़ते हुए 122वें स्थान पर आ गया है।

सोमवार 26 सितंबर : बड़ी कारोबारी सुर्खियाँ (Top Business News)

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के साथ विलय की प्रक्रिया के तहत स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर (SBBJ) सहित उसके पाँच सहयोगी बैंक भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को जल्द ही रिपोर्ट सौपेंगे।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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