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निजी दूरसंचार कंपनियों को लगा झटका

दिल्ली उच्च न्यायालय ने निजी दूरसंचार कंपनियों के खातों की जाँच नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) से कराने के मामूले में महत्वपूर्ण निर्णय दिया है।
उच्च न्यायालय ने सीएजी को कानून के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत निजी दूरसंचार कंपनियों के खातों की जाँच की अनुमति दी है। हालाँकि मीडिया में खबर है कि उच्च न्यायालय के इस निर्णय को निजी कंपनियाँ उच्चतम न्यायालय में चुनौती दे सकती हैं।
न्यायाधीश प्रदीप नंदराजोग (Pradeep Nandrajog) और वी कामेश्वर राव (V Kameswar Rao) की खंडपीठ ने साल 2010 में दूरसंचार न्यायाधिकरण टीडीसैट के आदेश के खिलाफ एसोसिएशन ऑफ यूनिफाइड टेलकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स (एयूएसपीआइ) और सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआइ) द्वारा दायर अलग-अलग याचिकाओं को खारिज करते हुए यह फैसला सुनाया है।
गौरतलब है कि सीएजी ने दूरसंचार विभाग के खातों की जाँच के दौरान कंपनियों से राजस्व की साझेदारी को लेकर ब्यौरा माँगा था। इससे कंपनियाँ इनकार करते हुए न्यायालय चली गयी थीं।
दूरसंचार क्षेत्र के विश्लेषकों का माना है कि सीएजी से खातों की जाँच कराने का यह निर्णय निजी दूरसंचार कंपनियों के लिए नकारात्मक साबित हो सकता है। (शेयर मंथन, 06 जनवरी 2014)

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