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आलोक वर्मा (Alok Verma) की याचिका पर थोड़ी देर में शुरू होगी सुनवाई

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के अंदरखाने की लड़ाई अब सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के दर पर पहुँच चुकी है।
सीबीआई के निदेशक आलोक कुमार वर्मा से अधिकार वापस लेकर उन्हें छुट्टी पर भेजे जाने के खिलाफ उनकी याचिका पर शीर्ष अदालत में थोड़ी देर में सुनवाई शुरू होगी। वरिष्ठ अधिवक्ता फली एस. नरीमन आलोक वर्मा का पक्ष रखेंगे। वहीं सीवीसी की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना की तरफ से पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी पेश होंगे।
सीबीआई निदेशक वर्मा ने अपनी याचिका में केंद्र की ओर से उन्हें छुट्टी पर भेजे जाने और अंतरिम प्रभार 1986 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के ओडिशा कैडर के अधिकारी एवं एजेंसी के संयुक्त निदेशक एम. नागेश्वर राव को सौंपे जाने के फैसले पर रोक लगाने की माँग की है। वर्मा की दलील है कि सीबीआई डायरेक्टर का कार्यकाल दो साल का होता है और उन्हें उस पद से हटाने की सरकार की कार्रवाई से सीबीआई की स्वतंत्रता पर आघात हुआ है। (शेयर मंथन, 25 अक्टूबर 2018)

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