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आलोक वर्मा के मामले में दो हफ्ते में सीवीसी जाँच हो पूरी : सर्वोच्च न्यायालय

सीबीआई यानी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (Central Bureau of Investigation) के निदेशक आलोक वर्मा (Alok Verma) की याचिका पर आज सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (Central Vigilance Commission) को दो सप्ताह में अपनी जाँच पूरी करने को कहा है।

सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश ए. के. पटनायक की देख-रेख में यह जाँच कराने के लिए कहा है। सर्वोच्च न्यायालय ने यह भी साफ किया है कि कार्यकारी निदेशक के तौर पर नागेश्वर राव केवल रोजमर्रा के नियमित काम देखेंगे और कोई नीतिगत फैसला नहीं करेंगे।
सीवीसी के वकील तुषार मेहता ने कोर्ट से तीन हफ़्ते का वक्त मांगा था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने केवल दो हफ्ते का समय दिया। साथ में यह भी कहा कि नागेश्वर राव अंतरिम निदेशक बने रहेंगे लेकिन वे कोई भी नीतिगत फ़ैसला नहीं लेंगे।
सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में केंद्र सरकार को नोटिस भेजा है। न्यायालय ने यह भी कहा कि सीवीसी की जाँच के नतीजे सीलबंद लिफाफे में उसे सौंपे जायें। इस पूरे मामले की अगली सुनवाई अब 12 नवंबर को होगी। (शेयर मंथन, 26 अक्टूबर 2018)

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