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मूर्तियों पर खर्च किए गये पैसे को वापस करें मायावतीः सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा कि बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती को हाथी के पुतले, उनकी पार्टी के चुनाव चिन्ह को लखनऊ और नोएडा में स्थापित करने में खर्च होने वाले सार्वजनिक धन की प्रति पूर्ति करनी होगी।


शीर्ष अदालत एक वकील द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसने दलील दी थी कि सार्वजनिक धन का उपयोग खुद की प्रतिमा बनाने और राजनीतिक पार्टी के प्रचार के लिए नहीं किया जा सकता है।
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, "हम इस पर अस्थायी तौर पर कहना चाहते हैं कि मायावती को अपनी मूर्तियों और पार्टी के प्रतीक पर खर्च किए गए सार्वजनिक धन को राज्य के खजाने में जमा करना होगा।
न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और संजीव खन्ना की पीठ भी इस मामले की सुनवाई 2 अप्रैल को करेगी। अदालत ने यह स्पष्ट कर दिया कि अभी यह अस्थायी दृष्टिकोण व्यक्त किया गया है, क्योंकि मामले की पूरी सुनवाई के लिए कुछ वक्त लगेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 2 अप्रैल को इस पर फैसला दिया जायेगा।
बसपा के वकील सतीश मिश्रा ने मामले की सुनवाई आम चुनावों के बाद मई में करने की अपील की। (शेयर मंथन, 08 फरवरी 2019)

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