शेयर मंथन में खोजें

गोदरेज एग्रोवेट (Godrej Agrovet) के मुनाफे में हुआ 16.58% का इजाफा

2018 की जुलाई-सितंबर तिमाही में साल दर साल आधार पर पशु आहार और कृषि उत्पाद कंपनी गोदरेज एग्रोवेट (Godrej Agrovet) के मुनाफे में 16.58% की बढ़ोतरी हुई है।

कंपनी ने 2017 की समान तिमाही में 85.02 करोड़ रुपये के मुकाबले 99.12 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। इस बीच कंपनी की शुद्ध आमदनी भी 1,425.82 करोड़ रुपये से 11.4% की बढ़ोतरी के साथ 1,588.35 करोड़ रुपये रही। कंपनी का मुनाफा और आमदनी जानकारों के अनुमान के अनुसार रहे।
मगर खर्चों में बढ़ोतरी के कारण गोदरेज एग्रोवेट का एबिटा 3.7% की गिरावट के साथ 140.69 करोड़ रुपये और एबिटा मार्जिन 139 आधार अंक घट कर 8.9% रह गया। जबकि बाजार जानकारों ने गोदरेज एग्रोवेट के लिए 18% की बढ़त के साथ 171 करोड़ रुपये के एबिटा मार्जिन का अनुमान लगाया था।
गोदरेज एग्रोवेट के विभिन्न कारोबारों पर नजर डालें तो इसकी पशु आहार आमदनी 16.3% की बढ़ोतरी के साथ 711.5 करोड़ रुपये, वनस्पति तेल आमदनी 266.5 करोड़ रुपये पर सपाट, फसल संरक्षण व्यवसाय 23.1% की वृद्धि के साथ 319.2 करोड़ रुपये और डेयरी आमदनी 2.3% अधिक 319.2 करोड़ रुपये रही।
दूसरी ओर बीएसई में गोदरेज एग्रोवेट का शेयर 529.55 रुपये के पिछले बंद स्तर के मुकाबले आज 530.10 रुपये पर खुल कर शुरुआती कारोबार में 539.00 रुपये तक चढ़ा। इसके बाद यह लाल निशान में फिसला, मगर 10.10 बजे के आस-पास फिर से सकारात्मक स्थिति में पहुँच गया। पौने 11 बजे के करीब यह 1.45 रुपये या 0.27% की बढ़त के साथ 531.00 रुपये पर चल रहा है। (शेयर मंथ, 06 नवंबर 2018)

 

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख