सेंसेक्स 330 अंक गिरा, निफ्टी 100 अंक नीचे
कारोबारी हफ्ते के पहले दिन भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 330 अंकों की गिरावट के साथ 9,305 पर रहा। एनएसई निफ्टी 100 अंकों की कमजोरी के साथ 2,848 पर बंद हुआ। कमजोर वैश्विक संकेतों के मद्देनजर आज भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुले। सोमवार को पेश किये गये अंतरिम बजट 2009-10 ने बाजार को उत्साह प्रदान नहीं किया। अंतरिम बजट में उद्योगों के लिए किसी बड़ी राहत योजना का ऐलान नहीं किया गया है। दोपहर बाद शेयर बाजार में गिरावट बढ़ गयी। आज बीएसई सेंसेक्स में 3.42% की कमजोरी के साथ बंद हुआ।
निवेश सलाहकार गुल टेकचंदानी का कहना है कि यह अंतरिम वित्त मंत्री का अंतरिम बजट है। हालाँकि उनका यह भी मानना है कि प्रणव मुखर्जी ने अंतरिम बजट के लिए एक उचित तरीके का पालन किया है। उनके मुताबिक बजट में कोई बड़ी घोषणा नहीं होने से पैदा हुई निराशा ज्यादा लंबी नहीं चलेगी, क्योंकि आखिरकार इस अंतरिम बजट ने यथास्थिति को बनाये रखा है। लेकिन इस अंतरिम बजट में पूर्ण बजट के लिए कई ऐसे संकेत रखे गये हैं, जिन्हें सकारात्मक माना जा सकता है। खास कर यह कहा गया है कि विकास दर को बनाये रखने के लिए करों में कमी करनी होगी। चुनाव के बाद नये वित्त मंत्री के लिए इस सलाह को नजरअंदाज करना मुश्किल होगा।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में आज के कारोबार में रिलायंस कम्युनिकेशंस के शेयर भाव में कमजोरी दिख रही है। आज के कारोबार में एक समय 162.65 रुपये का निचला स्तर छूने के बाद कंपनी का शेयर भाव दोपहर 2.55 बजे 5.97% की कमजोरी के साथ 170.80 रुपये पर है।
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के सीनियर वीपी टी एस हरिहर का मानना है कि इस अंतरिम बजट को पेश करते समय कार्यकारी वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी के सामने अपनी सीमाएँ थीं। हरिहर का कहना है कि मुझे कुछ घोषणाएँ होने की उम्मीद थी, लेकिन वित्त मंत्री ने केवल सरकार का रिपोर्ट कार्ड पढ़ने का काम किया। लेकिन बाजार की निराशा की वजह यह रही है कि इसने अंतरिम बजट से काफी उम्मीदें लगा ली थीं। उनके मुताबिक आज जब शेयर बाजार की उम्मीदें पूरी नहीं हुईं तो उसके चलते तीखी गिरावट देखने को मिली।
दूरसंचार क्षेत्र की निजी कंपनी भारती एयरटेल ने नयी ऑनलाइन डेस्कटॉप सेवा शुरू की है। यह सेवा माइक्रोसॉफ्ट तथा नीवियो की तकनीक पर आधारित है। एयरटेल ब्रॉडबैंड के ग्राहक केवल 99 रुपये प्रति माह अदा करके इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। हालाँकि इस खबर का कंपनी के शेयर भाव पर कोई सकारात्मक असर नहीं दिख रहा है। पूरे बाजार की दिशा के मुताबिक ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में आज के कारोबार में इसके शेयर भाव में कमजोरी दिख रही है।
इस अंतरिम बजट में सरकारी खजाने का घाटा (फिस्कल डेफिसिट) बढ़ कर 6% होने के अनुमान ने कई बाजार विश्लेषकों की चिंता को बढ़ा दिया है। मल्टीपल एक्स कैपिटल के सीईओ कवि कुमार का कहना है कि यह चेतावनी की घंटी है, क्योंकि इसमें अगर राज्य सरकारों के घाटे को भी मिला दें, तो कुल मिला कर जीडीपी के 11-12% के बराबर घाटा होता है। उनके मुताबिक यह ज्यादा चिंता की बात इसलिए है कि केवल सितंबर के बाद से धीमापन आने का इतना तीखा असर दिख रहा है।
अंतरिम बजट 2009-10 ने उद्योग जगत और शेयर बाजार को निराश किया है। हालाँकि यह अंतरिम बजट था जिसमें आम तौर पर बड़ी घोषणाएँ नहीं की जाती हैं, लेकिन मौजूदा आर्थिक संकट को देखते हुए सरकार से एक राहत योजना की उम्मीद की जा रही थी। लेकिन इस अंतरिम बजट में ऐसा कोई बड़ा कदम नहीं उठाया गया, जिससे अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा मिलने की उम्मीद लगायी जा सके। अब उद्योग जगत इस बात से चिंतित है कि चुनावी दौर शुरू होने की वजह से अगले 3-4 महीनों तक केंद्र सरकार से कोई नीतिगत मदद नहीं मिल सकेगी।
राजीव रंजन झा
देवेन चोकसी, एमडी, केआर चोकसी सिक्योरिटीज
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में आज के कारोबार में रिलायंस पावर के शेयर भाव में बढ़त का रुख है। कंपनी का शेयर भाव आज के कारोबार में 109 रुपये का ऊँचा स्तर छूने के बाद दोपहर 3.19 बजे 5.14% की बढ़त के साथ 108.45 रुपये पर था। अनिल अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस पावर को झारखंड के तिलैया में 4000 मेगावॉट की विद्युत परियोजना पर कार्य करने लिये आशय पत्र मिल गया है।