पेटीएम आईपीओ (PayTM IPO) - पैसा लगायें या छोड़ दें? : अंबरीश बालिगा से बातचीत
भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ खुल चुका है।
भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ खुल चुका है।
पेटीएम के नाम से लोकप्रिय वन97 कम्युनिकेशंस के 18,300 करोड़ रुपये के आईपीओ के दूसरे दिन दोपहर सवा दो बजे तक संस्थागत कोटे में 29%, गैर-संस्थागत निवेशकों के कोटे में केवल 3%, खुदरा निवेशकों के कोटे में 109% और कुल मिला कर 37% आवेदन आ चुके हैं।
एमसीएक्स कच्चे तेल की कीमतें 6,000 रुपये के साप्ताहिक और मासिक बाधा स्तर से ऊपर कारोबार कर रही है।
एमसीएक्स गोल्ड की कीमतें 43,500 रुपये और 48,500 रुपये के व्यापक दायरे में कारोबार कर रही हैं।
भारतीय शेयर बाजार में ऊपरी स्तरों से 5% तक गिर जाने के बाद दीपावली के मुहुरत कारोबार वाले छोटे सप्ताह में सेंसेक्स और निफ्टी कुछ वापस सँभले हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी रह सकती है। कीमतों के 6,020-6,120 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
बेस मेटल की कीमतों में मिला-जुला का रुझान रहने की संभावना हैं। तांबे की कीमतों में 745 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 732 रुपये के सहारा स्तर तक गिरावट हो सकती है।
सर्राफा की कीमतों में मिला-जुला रुझान रहने की संभावना है। सोने की कीमतों में नरमी रह सकती है और कीमतों को 48,400 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 47,650 रुपये पर सहारा रह सकता है।
कॉटन वायदा (नवंबर) की कीमतों में एक हफ्ते के निचले स्तर पर गिरावट हुई लेकिन बाद में कीमतें सपाट बंद हुई।
सोयाबीन वायदा (दिसम्बर) की कीमतों में कल गिरावट के बाद अंत में स्थिरता रही क्योंकि कम आवक के बीच तेल मिलों की ओर से सोयाबीन की अधिक माँग हो रही है।
हल्दी वायदा (दिसम्बर) की कीमतों में कल बढ़ोतरी हुई है और अब 7,670 रुपये के स्तर पर सहारा के साथ 7,800 रुपये के स्तर पर पहुँचने की संभावना है।
आईसीआईसीआई डायरेक्ट ने आज अपनी रिपोर्ट मोमेंटम पिक्स में मंगलवार (09 नवंबर) के एकदिनी कारोबार के लिए निफ्टी (Nifty), कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) और माइंडट्री (Mindtree) के शेयर खरीदने की सलाह दी है। साथ ही इसने 14 दिनों के लिए वीआईपी इंडस्ट्रीज (VIP Industries) में खरीदारी की सलाह दी है।
अमेरिकी कच्चे तेल की आपूर्ति के नवीनतम आँकड़ों के जारी होने से पहले और इस सप्ताह की ओपेक प्लस की बैठक पर व्यापारियों का ध्यान केंद्रित होने के कारण, कीमतें 6,428 रुपये के उच्च स्तर पर पहुँचने के बाद लगातार दूसरे साप्ताहिक गिरावट की अग्रसर है।
मिले-जुले फंडामेंटल के कारण बेस मेटल की कीमतें एक दायरे में कारोबार कर सकती है। चीन के मैनुफैक्चरिंग क्षेत्र में मंदी से बेस मेटल बाजार पर अधिक असर पड़ रहा है।
डॉलर के मजबूत होने से बुलियन के अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए कम आकर्षक होने के कारण सोने की कीमतों में गिरावट हुई, जबकि निवेशकों की नजर मुद्रास्फीति में निरंतर बढ़ती चिंताओं के बीच अमेरिकी फेडरल रिजर्व की महत्वपूर्ण नीतिगत बैठक पर रही।
कॉटन वायदा (नवंबर) में सकारात्मक कारोबार जारी है और वर्तमान में अधिक माँग और आवक कम होने के कारण कीमतें रिकॉर्ड उच्च स्तर पर कारोबार कर रही है लेकिन उच्च स्तर पर मुनाफा वसूली के कारण कीमतों में थोड़ी गिरावट हुई है।