Thomas Cook (India) Ltd Share Latest News: स्टाॅक में किन स्तरों पर होगी कमाई?
माल्वा टीवी एमपी14 : थॉमस कुक को वर्तमान स्तरों पर खरीद सकते हैं क्या?
माल्वा टीवी एमपी14 : थॉमस कुक को वर्तमान स्तरों पर खरीद सकते हैं क्या?
आनंद जग्गी, दिल्ली : मैंने ज्योति स्ट्रक्चर्स के 65000 शेयर 18.60 रुपये के भाव पर खरीदे हैं। इसमें छोटी से मध्यम अवधि का नजरिया क्या है?
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services Ltd) में रीटेल रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की टैरिफ घोषणाओं और आर्थिक मंदी की नयी चिंताओं के कारण वैश्विक स्तर पर हुई बिकवाली के बाद भारतीय बाजार में तीखी गिरावट आई। निफ्टी 23000 का स्तर तोड़कर 346 अंकों के नुकसान के साथ 22904 (1.5%) के स्तर पर बंद हुआ।
भारत के रत्न एवं आभूषण उद्योग ने अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यात पर पारस्परिक टैरिफ को भारतीय निर्यातकों के साथ ही अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए भी बोझ बताया है। भारत के जेम ऐंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) ने वक्तव्य जारी कर ट्रंप प्रशासन से दोनों देशों के बीच व्यापारिक साझेदारी की भावना को कायम रखने की अपील की।
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की ताजा शुल्क नीति ने वैश्विक बाजार में भूचाल ला दिया है। ट्रंप ने पारस्परिक शुल्क (रेसिप्रोकल टैरिफ) की अपनी नीति का ऐलान भारतीय समय के अनुसार दो अप्रैल को देर रात किया। ऐलान के बाद गुरुवार को शेयर बाजार पर इसका व्यापक असर महसूस किया गया।
ब्रोकिंग फर्म आईसीआईसीआई डायरेक्ट (ICICI Direct) ने आज शुक्रवार (04 अप्रैल) की रिपोर्ट मोमेंटम पिक्स में एकदिनी कारोबार (Intraday Trade) के लिए निफ्टी (Nifty), अरबिंदो फार्मा (Aurobindo Pharma), विप्रो (Wipro) और गोकुलदास एक्सपोर्ट्स (Gokaldas Exports) के शेयर में सौदे करने की सलाह दी है। गोकुलदास एक्सपोर्ट्स के स्टॉक में गुरुवार (03 अप्रैल) के भाव पर 30 दिनों के नजरिये से पोजीशन लेने का सुझाव है।
कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक गुरुवार को मानक सूचकांक में निम्न स्तरों से कुछ सुधार दिखाई दिया, इसके बाद निफ्टी 82 अंक, जबकि सेंसेक्स 322 अंकों के नुकसान के साथ बंद हुए।
प्रॉपर्टी खरीदना बहुत संवेदनशील और कठिन प्रक्रिया है, जिसमें कानूनी नियमों का पालन करना जरूरी होता है। देश में रोजाना हजारों करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी की खरीद और बिक्री होती है। प्रॉपर्टी खरीदने के इच्छुक लोग सीधे मालिक या फिर डीलर के जरिये प्रॉपर्टी को चुनने के बाद खरीद-बिक्री की प्रक्रिया के साथ आगे बढ़ते हैं। इसको लेकर सरकार ने कई तरह के नियम और कानून बनाये हैं, जिनको समझना जरूरी होता है।
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार (04 अप्रैल) को कारोबार की सतर्क शुरुआत देखने को मिल सकती है। गिफ्ट निफ्टी में आज सुबह 8.10 बजे के आसपास 9.50 अंकों की मामूली नरमी नजर आ रही है और ये 0.04% की सुस्ती के साथ 23,217.00 के स्तर के आसपास मंडरा रहा है।
भारत में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि 8 महीनों की रिकॉर्ड ऊँचाई पर पहुँच गई है। एचएसबीसी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स के आँकड़े बताते हैं कि देश में विनिर्माण की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। मार्च में विनिर्माण पीएमआई 8 महीनों की ऊँचाई के साथ 58.1 पर पहुँच गई है, जबकि बाजार को 57.6 पर रहने की अनुमान था।
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल की एक चूक से सरकार को करोड़ों रुपये का घाटा होने का खुलासा हुआ है। दरअसल, बीएसएनएल ने रिलायंस जियो के साथ एक परियोजना में टावर साझा किया था, मगर वो इसका शुल्क वसूलना भूल गयी।
एआई आया तो हमारी मदद के लिए था। लेकिन अब ये लोगों की नौकरियाँ खाने लगा है। ताजा मामला फूड डिलीवरी करने वाली प्रमुख कंपनी जोमैटो का है, जिसने हाल ही में बड़ी संख्या में अपने यहाँ कार्यरत कस्टमर सपोर्ट एग्जीक्यूटिव की छंटनी कर दी है।
सरकार ने पीपीएफ, एसएसीएसएस या सुकन्या समृद्धी योजना की ब्याज दरों को तय कर दिया है। सरकार ने नये वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने का फैसला किया है। इन योजनाओं की ब्याज दरों में लगातार 5 तिमाहियों से कोई बदलाव नहीं किया है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services Ltd) में रीटेल रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक अमेरिका द्वारा भारत समेत 180 देशों पर पारस्परिक शुल्क लगाने की घोषणा के बाद वैश्विक बाजारों में तीखी गिरावट के परिणामस्वरूप निफ्टी 50 गैप डाउन (180 अंक) के साथ खुला।
दुनिया को जिस घोषणा का शिद्दत से इंतजार था, वो आखिर हो गयी और अमेरिकी राष्टपति डॉनल्ड ट्रंप ने अपने व्यापारिक साझेदारों या यूँ कहें कि दुनिया पर पारस्परिक शुल्क (रेसिप्रोकल टैरिफ) का चाबुक चलाने की आधिकारिक घोषणा करते हुए इसे अपने देश के लिए मुक्ति दिवस बताया। हालाँकि, ट्रंप के इस कदम से दुनिया पर मंडरा रहा व्यापार युद्ध का खतरा गहरा गया है।
नया वित्त वर्ष 2025-26 सरकार के लिए अच्छा साबित हुआ है। आँकड़े बताते हैं कि देश की अर्थव्यवस्था ने पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया जिसका असर जीएसटी संग्रह पर दिख रहा है। इस अवधिक में सरकार का जीएसटी संग्रह 10% बढ़ा है।