मजबूत बुनियाद से दीर्घकालिक कहानी भी मजबूत: वकारजावेद खान
भारतीय शेयर बाजार को लेकर वकारजावेद खान का नजरिया उत्साह और अनुशासन के बीच संतुलन साधता हुआ दिखता है।
भारतीय शेयर बाजार को लेकर वकारजावेद खान का नजरिया उत्साह और अनुशासन के बीच संतुलन साधता हुआ दिखता है।
भारतीय शेयर बाजार का अगला चरण तेज वैल्यूएशन विस्तार के बजाय कमाई में सुधार से तय होगा।
भारतीय शेयर बाजार इस समय ऐसे चरण में है, जहाँ तकनीकी स्तर और बुनियादी कारक एक-दूसरे के पूरक बनते दिख रहे हैं।
सोने और चाँदी की मौजूदा चाल को लेकर बाजार में जितनी तेजी दिख रही है, उतना ही बड़ा जोखिम भी छिपा हुआ है।
भारतीय शेयर बाजार को लेकर सुनील सुब्रमण्यम का नजरिया न तो अत्यधिक आक्रामक है और न ही निराशावादी।
सिट्रस एडवाइजर्स के संस्थापक संजय सिन्हा का मानना है कि बाजार ने लंबा ठहराव (कंसोलिडेशन) पूरा कर लिया है और अब उसे केवल एक मजबूत ट्रिगर की जरूरत है। चाहे वह कमाई में सुधार हो, एक परिवर्तनकारी बजट हो या अमेरिका के साथ कोई प्रभावी व्यापार समझौता।
राजनीतिक स्थिरता, लगातार आर्थिक वृद्धि और विनिर्माण क्षेत्र में जीएसटी दरों में कटौती जैसे कदम भारतीय शेयर बाजार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रहे हैं।
भारतीय शेयर बाजार भले ही ऊँचे स्तरों के आसपास बना हुआ हो, लेकिन आगे की दिशा केवल सूचकांकों की चाल से नहीं, बल्कि बाजार की चौड़ाई से तय होगी।
बजट से ठीक पहले शेयर बाजार का रुझान कैसा रहने वाला है? हाल की गिरावटों ने किन क्षेत्रों में शेयरों को बना दिया है निवेश के लायक? यह सब समझने और साथ ही शेयरों के बारे में अपने सवाल पूछने के लिए जुड़ें बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार के साथ शनिवार, 28 जनवरी 2026 को सायं 6.30 बजे से हो रहे निवेश मंथन के इस लाइव वेबिनार में।
जूना जानना चाहते हैं कि उन्हें ट्रेंट (Trent) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? उन्होंने ट्रेंट के 543 शेयर करीब 5500 रुपये के भाव पर खरीदे थे। आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?
एक निवेशक जानना चाहते हैं कि उन्हें क्यूएसआर (Quick Service Restaurant) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?
जोमैटो के ताजा नतीजे पहली नजर में काफी मजबूत दिखाई देते हैं। कंपनी का मुनाफ़ा साल-दर-साल आधार पर करीब 73% बढ़ा है, जबकि रेवेन्यू में लगभग 200% की तेज बढ़ोतरी दर्ज हुई है। निवेशक जानना चाहते है शेयरों में आगे क्या करना चाहिए?
बीते हफ्ते निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में तेज और लगातार गिरावट ने बाजार की चिंता बढ़ा दी। मिडकैप इंडेक्स पहले 61,600 के आसपास से गिरकर 58,850 तक आया, वहां से थोड़ी संभलन दिखी, लेकिन दोबारा 60,300 के स्तर से फिसलकर सीधे 56,700 के करीब पहुंच गया।
शेयर बाजार पर अडानी ग्रुप से जुड़ी खबरों का साफ असर देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय मीडिया में आई रिपोर्ट्स के बाद अडानी ग्रुप के लगभग सभी शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। कहीं 5% तो कहीं 15% तक।
अर्जुन मीह जानना चाहते हैं कि उन्हें डिवीज लैब (Divis Labs) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? सवाल यह है कि क्या मौजूदा स्तरों पर री-एंट्री सही रहेगी या अभी और इंतजार करना चाहिए। आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?
पार्थ पटेल जानना चाहते हैं कि उन्हें डीलिंक इंडिया (DE-Link India) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? उन्होंने 558 रुपये के स्तर पर खरीदा था और काफी समय से होल्ड कर रखा है। आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?