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कम व्यय के चलते वित्त वर्ष 2018-19 में 3.39% हुआ राजकोषीय घाटा

कम सरकारी व्यय और अधिक गैर-कर राजस्व के सहारे वित्त वर्ष 2018-19 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 3.39% रहा।

इसके लिए बजट का संशोधित अनुमान 3.4% लगाया था। वास्तविक मदों में 31 मार्च 2019 की समाप्ति पर राजकोषीय घाटा बजट के संशोधित अनुमानों में 6.34 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 6.45 लाख करोड़ रुपये रहा। यानी वास्तविक मदों में राजकोषीय घाटा बढ़ा है, जबकि इसमें प्रतिशत में मामूली गिरावट आयी है।

बता दें कि 01 फरवरी को पेश किये अंतरिम बजट के दौरान राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को 3.3% से संशोधित करके 3.4% कर दिया गया था।
राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को सरकारी खर्च में तीखी कटौती के माध्यम से पूरा किया गया। मगर इस वजह से वित्त वर्ष 2018-19 की चौथी तिमाही में देश की जीडीपी विकास दर धीमी होकर 5.8% रह गयी। सरकार का खर्च 23.11 लाख करोड़ रुपये रहा, जो मुहैया किये गये 24.57 लाख करोड़ रुपये में से लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये कम था। (शेयर मंथन, 01 जून 2019)

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