शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

सप्ताह में 2% से अधिक चढ़े डॉव जोंस और एसऐंडपी, नैस्डैक में 3.45% की मजबूती

शुक्रवार को समाप्त हुए कारोबारी सप्ताह में अमेरिकी बाजार के तीनों प्रमुख सूचकांकों में शानदार मजबूती आयी।

लगातार दूसरे दिन गिरा बाजार, 10,800 के नीचे पहुँचा निफ्टी

कारोबारी सप्ताह के आखरी दिन शुक्रवार को बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक लगातार दूसरे सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए।

लगातार पाँचवें सत्र में चढ़ा अमेरिकी बाजार, डॉव जोंस पहुँचा 24,000 के ऊपर

फेडरल रिजर्व अध्यक्ष जेरोम पॉवेल के मिले-जुले बयान के बीच गुरुवार को अमेरिकी बाजार में लगातार पाँचवे कारोबारी सत्र में मजबूती आयी।

बैंकिंग, वित्तीय शेयरों में गिरावट से फिसला बाजार, सेंसेक्स 106 अंक हुआ कमजोर

गुरुवार को बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में हुई बिकवाली से बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए।

सपाट खुला शेयर बाजार, बैंक और फार्मा शेयरों में बिकवाली

मिले-जुले वैश्विक रुझानों के बाद गुरुवार को शेयर बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक शुरुआती कारोबार में सपाट हैं।

व्यापार वार्ता समाप्त होने पर निवेशक सतर्क, एशियाई बाजारों में गिरावट

अमेरिका-चीन के बीच तीन दिवसीय व्यापार वार्ता पूरी हो गयी है, जिसके बाद निवेशक सतर्क दिख रहे हैं।

सकारात्मक वैश्विक रुझानों और रुपये में मजबूती से चढ़ा बाजार

वैश्विक बाजारों में तेजी और डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती से बुधवार को बाजार में सकारात्मक शुरुआत हुई है।

लगातार तीसरे सत्र में एशियाई बाजारों में तेजी, निक्केई 160 अंक चढ़ा

अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता के फिर से शुरू होने से एशियाई बाजारों में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी दिख रही है।

Subcategories

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख