सरसों में बढ़त, सोया तेल की कीमतों में गिरावट की संभावना - एसएमसी
मिले-जुले फंडामेंटल के कारण सोयाबीन वायदा (फरवरी) की कीमतें 4,580-4,680 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती है जबकि कीमतों की तेजी और गिरावट दोनों पर रोक लगी रह सकती है।
मिले-जुले फंडामेंटल के कारण सोयाबीन वायदा (फरवरी) की कीमतें 4,580-4,680 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती है जबकि कीमतों की तेजी और गिरावट दोनों पर रोक लगी रह सकती है।
कॉटन वायदा (जनवरी) की कीमतों में तेजी का सेंटीमेंट है और कीमतें 20,900-21,200 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतों में 6,300-6,350 रुपये तक बढ़त दर्ज की जा सकती है, जो कम आवक के मुकाबले लगातार माँग के कारण मदद मिल रही है।
एयूएम कैपिटल के रिसर्च प्रमुख राजेश अग्रवाल (Rajesh Agarwal) ने बुधवार (20 जनवरी) के एकदिनी कारोबार के लिए टाटा स्टील (Tata Steel), आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank), रेडिको खेतान (Radico Khaitan), अदाणी ग्रीन एनर्जी (Adani Green Energy) और महिंद्रा लॉजिस्टिक्स (Mahindra Logistics) के शेयर खरीदने की सलाह दी है।
कच्चे तेल की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ सीमित कारोबार करने की संभावना हैं और कीमतों को 3,850 रुपये के स्तर पर रुकावट के साथ 3,760 रुपये के स्तर पर सहारा रह सकता है।
बेस मेटल की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ कारोबार करने की संभावना हैं। तांबे की कीमतें 605 रुपये के स्तर पर सहारा के साथ 610 रुपये के स्तर पर पहुँच सकती है।
कॉटन वायदा (जनवरी) की कीमतों में तेजी का सेंटीमेंट है और कीमतें 20,900-21,200 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
मिले-जुले फंडामेंटल के कारण सोयाबीन वायदा (फरवरी) की कीमतें 4,690-4,760 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती है जबकि कीमतों की तेजी और गिरावट दोनों पर रोक लगी रह सकती है।
हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतों में पिछले चार हफ्तों से लगातार तेजी देखी जा रही है, जो कम आवक के मुकाबले लगातार माँग के कारण मदद मिल रही है।
मिले-जुले फंडामेंटल के कारण सोयाबीन वायदा (फरवरी) की कीमतें 4,555-4,775 रुपये के दायरे में कारोबार कर सकती है जबकि कीमतों की तेजी और गिरावट दोनों पर रोक लगी रह सकती है।
कॉटन वायदा (जनवरी) की कीमतों में तेजी का सेंटीमेंट है और कीमतें 20,800 रुपये के पास सहारा के साथ 21,600 रुपये तक बढोतरी होने की संभावना है।
हल्दी वायदा (अप्रैल) की कीमतों में पिछले चार हफ्तों से लगातार तेजी देखी जा रही है, जो कम आवक के मुकाबले लगातार माँग के कारण मदद मिल रही है।
आपूर्ति को लेकर चिंता और आगामी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन द्वारा बड़े आर्थिक प्रोत्साहन की संभावना और चीन में औद्योगिक उत्पादन में तेजी से बेस मेटल में तेजी के रुझान के साथ कारोबार होने की संभावना है।
वैश्विक स्तर पर कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी के बाद ईंधन की माँग को लेकर चिंता के बीच अमेरिकी कच्चे तेल के भंडार में लगातार पाँचवें हफ्ते गिरावट के कारण तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।