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संपत्ति के पंजीकरण में किन लोगों को नहीं बनाया जा सकता गवाह, जानें क्या है नियम

प्रॉपर्टी खरीदना बहुत संवेदनशील और कठिन प्रक्रिया है, जिसमें कानूनी नियमों का पालन करना जरूरी होता है। देश में रोजाना हजारों करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी की खरीद और बिक्री होती है। प्रॉपर्टी खरीदने के इच्छुक लोग सीधे मालिक या फिर डीलर के जरिये प्रॉपर्टी को चुनने के बाद खरीद-बिक्री की प्रक्रिया के साथ आगे बढ़ते हैं। इसको लेकर सरकार ने कई तरह के नियम और कानून बनाये हैं, जिनको समझना जरूरी होता है।

नये ऑर्डर के दम पर मार्च में विनिर्माण पीएमआई 8 महीने के शिखर पर पहुँची : एचएसबीसी की रिपोर्ट

भारत में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि 8 महीनों की रिकॉर्ड ऊँचाई पर पहुँच गई है। एचएसबीसी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स के आँकड़े बताते हैं कि देश में विनिर्माण की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। मार्च में विनिर्माण पीएमआई 8 महीनों की ऊँचाई के साथ 58.1 पर पहुँच गई है, जबकि बाजार को 57.6 पर रहने की अनुमान था।

10 साल तक जियो से फीस लेना भूली रही बीएसएनएल, सीएजी की रिपोर्ट से खुला करोड़ों के नुकसान का मामला

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल की एक चूक से सरकार को करोड़ों रुपये का घाटा होने का खुलासा हुआ है। दरअसल, बीएसएनएल ने रिलायंस जियो के साथ एक परियोजना में टावर साझा किया था, मगर वो इसका शुल्क वसूलना भूल गयी। 

जोमैटो ने 600 कस्टमर सपोर्ट कर्मियों को दिखाया बाहर का रास्ता, जानिये वजह

एआई आया तो हमारी मदद के लिए था। लेकिन अब ये लोगों की नौकरियाँ खाने लगा है। ताजा मामला फूड डिलीवरी करने वाली प्रमुख कंपनी जोमैटो का है, जिसने हाल ही में  बड़ी संख्या में अपने यहाँ कार्यरत कस्टमर सपोर्ट एग्जीक्यूटिव की छंटनी कर दी है।

सरकार ने लगातार 5वीं तिमाही में नहीं बदली पीपीएफ, एनएससी और सुकन्या समृद्धी की ब्याज दर

सरकार ने पीपीएफ, एसएसीएसएस या सुकन्या समृद्धी योजना की ब्याज दरों को तय कर दिया है। सरकार ने नये वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने का फैसला किया है। इन योजनाओं की ब्याज दरों में लगातार 5 तिमाहियों से कोई बदलाव नहीं किया है। 

भारत को छूट के साथ चला ट्रंप के टैरिफ का चाबुक, दुनियाभर के बाजारों में हाहाकार

दुनिया को जिस घोषणा का शिद्दत से इंतजार था, वो आखिर हो गयी और अमेरिकी राष्टपति डॉनल्ड ट्रंप ने अपने व्यापारिक साझेदारों या यूँ कहें कि दुनिया पर पारस्परिक शुल्क (रेसिप्रोकल टैरिफ) का चाबुक चलाने की आधिकारिक घोषणा करते हुए इसे अपने देश के लिए मुक्ति दिवस बताया। हालाँकि, ट्रंप के इस कदम से दुनिया पर मंडरा रहा व्यापार युद्ध का खतरा गहरा गया है।

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