सीमित दायरे में रह सकती है सोयाबीन की कीमतें, सरसों में रुझान तेज - एसएमसी
सोयाबीन वायदा (जून) की कीमतों के 3,695-3,740 रुपये के दायरे में सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
सोयाबीन वायदा (जून) की कीमतों के 3,695-3,740 रुपये के दायरे में सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
हल्दी वायदा (जून) की कीमतों के 7,100-7,190 रुपये के दायरे में सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
बेस मेटल की कीमतों में तेजी दर्ज की जा सकती है।
सर्राफा की कीमतों में तेजी के रुझान के साथ कारोबार होने की संभावना है।
प्रमुख दवा कंपनी सिप्ला (Cipla) ने एएमपी सोलर पावर सिस्टम्स (AMP Solar Power Systems) में 26% हिस्सेदारी खरीदने के लिए करार किया है।
साल दर साल आधार पर वित्त वर्ष 2018-19 की चौथी तिमाही में सबसे बड़े टीवी प्रसारकों में से एक सन टीवी (Sun TV) के मुनाफे में 2.30% की गिरावट दर्ज की गयी है।
कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार को बाजार में मजबूती देखने को मिल रही है।

आईसीआईसीआई डायरेक्ट (ICICI Direct) ने आज के एकदिनी वायदा कारोबार में निफ्टी (Nifty), फेडरल बैंक (Federal Bank) और बीईएमएल (BEML) में खरीदारी करने के लिए कहा है।
आईसीआईसीआई डायरेक्ट (ICICI Direct) ने आज शुक्रवार के कारोबार में बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) में खरीदारी और वेदांत (Vedanta) में बिकवाली की सलाह दी है।
एयूएम कैपिटल (AUM Capital) के रिसर्च प्रमुख राजेश अग्रवाल (Rajesh Agarwal) ने शुक्रवार (24 मई) के एकदिनी कारोबार के लिए भारत फाइनेंशियल (Bharat Financial), इंडसइंड बैंक (Indusind Bank), टीआईएल (TIL), रैम्की इन्फ्रा (Ramky Infra) और सन टीवी (Sun TV) के शेयर खरीदने की सलाह दी है।
खबरों के कारण जो शेयर आज नजर में रहेंगे उनमें जनरल इंश्योरेंस, सन टीवी, सिप्ला, इन्फोसिस और अशोक लेलैंड शामिल हैं।
अमेरिका-चीन के बीच बढ़ रहे विवाद के बीच कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार को एशियाई बाजार 4 महीनों के निचले स्तर तक गिर गये।
अमेरिका-चीन व्यापार विवाद के बीच फिर से वैश्विक विकास दर को लेकर बढ़ी चिंता से गुरुवार को अमेरिकी बाजार में कमजोरी दर्ज की गयी।
गुरुवार को लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजों के बीच आयी तेजी के बाद अंत में बाजार कमजोरी के साथ बंद हुआ।
चुनावी रुझानों में भाजपा और एनडीए गठबंधन के स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ने के साथ ही जन-माध्यमों (सोशल मीडिया) पर हास-परिहास का दौर भी शुरू हो गया। प्रस्तुत है जन-माध्यमों पर कुछ आम-खास लोगों की चुनावी चकल्लस।