भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) में लगातार दूसरे हफ्ते बढ़ोतरी दर्ज की गयी है।
गुरुवार की भारी गिरावट के बाद कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन शुक्रवार को भी अमेरिकी शेयर बाजार के दिग्गज सूचकांकों में कमजोरी दर्ज की गयी।
कच्चे तेल की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना हैं और कीमतों को 3,140 रुपये के स्तर पर रुकावट के साथ 2,940 रुपये के स्तर पर सहारा रह सकता है।
बेस मेटल की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ सीमित कारोबार करने की संभावना हैं।
सर्राफा की कीमतों में नरमी का रुझान रहने की संभावना है। सोने की कीमतों में 51,580 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 50,200 रुपये तक गिरावट हो सकती है जबकि चांदी की कीमतों में 69,600 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 66,900 रुपये तक गिरावट हो सकती है।
कॉटन वायदा (अक्टूबर) की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ 17,600-17,750 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
सोयाबीन वायदा (सितंबर) की कीमतों के 3,920-4,000 रुपये के दायरे में सीमित दायरे कारोबार करने की संभावना है।
हल्दी वायदा की कीमतों के 5,900-5,980 रुपये के दायरे में सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना है।
कच्चे तेल की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना हैं और कीमतों को 3,170 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 2,980 रुपये के स्तर पर सहारा रह सकता है।
बेस मेटल की कीमतों के नरमी के रुझान के साथ सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना हैं।
सर्राफा की कीमतों में नरमी का रुझान रहने की संभावना है। सोने की कीमतों में 5,1580 रुपये के स्तर पर बाधा के साथ 50,200 रुपये तक गिरावट हो सकती है जबकि चांदी की कीमतों में 69,600 रुपये के स्तर पर अड़चन के साथ 66,900 रुपये तक गिरावट हो सकती है।
कॉटन वायदा (अक्टूबर) की कीमतों के 17,700 रुपये तक लुढ़कने की संभावना है।
सोयाबीन वायदा (सितंबर) की कीमतों में 3,915 रुपये के स्तर पर सहारा के साथ 3,920-3,960 रुपये तक रिकवरी होने की संभावना है।
हाजिर बाजारों में नरमी क रुझानों के कारण हल्दी वायदा की कीमतों में 5,950-5,900 रुपये तक गिरावट हो सकती है।
निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड के मल्टी एसेट फंड का एनएफओ हाल में 21 अगस्त को पूरा हुआ है और अब यह फंड खरीद-बिक्री के लिए उपलब्ध है।