शेयरों पर नजर (Stocks to Watch) : इन्फोसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा मोटर्स, टीसीएस और एनबीसीसी
खबरों के कारण जो शेयर आज नजर में रहेंगे उनमें इन्फोसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा मोटर्स, टीसीएस और एनबीसीसी शामिल हैं।
खबरों के कारण जो शेयर आज नजर में रहेंगे उनमें इन्फोसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा मोटर्स, टीसीएस और एनबीसीसी शामिल हैं।
गुरुवार को आयी गिरावट के बाद कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार को एशियाई बाजारों में तेजी दिख रही है।
फेडरल रिजर्व अध्यक्ष जेरोम पॉवेल के मिले-जुले बयान के बीच गुरुवार को अमेरिकी बाजार में लगातार पाँचवे कारोबारी सत्र में मजबूती आयी।
आज सेंसेक्स में 106 अंकों की गिरावट के बावजूद वी-गार्ड (V-Guard) का शेयर 0.66% की मजबूती के साथ बंद हुआ।
गुरुवार को बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में हुई बिकवाली से बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए।
जीएसटी कौंसिल ने कंपोजिशन स्कीम को लेकर बड़ा फैसला किया है।
खबरों के अनुसार इंटरग्लोब एविएशन (Imterglobe Aviation) ने बेहद सस्ती 'सेल' शुरू की है।
आज इंडियन ह्यूम पाइप (Indian Hume Pipe) का शेयर 3% से ज्यादा वृद्धि के साथ बंद हुआ।
वित्तीय सेवा प्रदाता रिलायंस कैपिटल (Reliance Capital) ने गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर जारी किये हैं।
वर्ष दर वर्ष आधार पर वित्त वर्ष 2017-18 की तीसरी तिमाही के मुकाबले चालू कारोबारी साल की समान अवधि में बंधन बैंक (Bandhan Bank) के मुनाफे में 10.3% की वृद्धि दर्ज की गयी।
मौसम भविष्यवक्ता एजेंसी स्काईमेट (Skymet) के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है।
विजया बैंक (Vijaya Bank) ने अपनी मौजूदा एमसीएलआर (MCLR) में 5 आधार अंकों की बढ़ोतरी की है।
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने सरकार से आगामी आम बजट में आयकर (इनकम टैक्स) छूट की सीमा को दोगुना कर पाँच लाख रुपये करने का आग्रह किया है।
ग्लेनमार्क फार्मा (Glenmark Pharma) की स्विट्जरलैंड में स्थित सहायक इकाई ग्लेनमार्क स्पेशियलिटी (Glenmark Specialty) ने दक्षिण कोरियाई दवा कंपनी युहान कॉर्प (Yuhan Corp) के साथ समझौता किया है।
आंध्र प्रदेश सरकार ने बंदरगाह शहर विशाखापट्टनम में 70,000 करोड़ रुपये के निवेश से डेटा सेंटर पार्क की स्थापना के लिए अदाणी ग्रुप (Adani Group) के साथ करार किया है।
फेडरल रिजर्व की बैठक के बाद जारी किए गये मिनट्स ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी पर अनिश्चितता बढ़ गयी है, जिससे अमेरिकी मुद्रा में कमजोरी देखी गयी है।