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कारोबारियों की सुविधा के लिए सभी एक्सचेंज में सेबी एफऐंडओ का निप्टान मंगलवार या गुरुवार को निर्धारित करेगा

शेयर बाजार के कारोबारियों को अलग-अलग एक्सचेंजों की एक्यपायरी की परेशानी से जल्द निजात मिलने वाली है। बाजार नियामक सेबी ने इक्विटी डेरिवेटिव एक्सपायरी डे के लिए नये नियम जारी कर दिए हैं।

पड़ोसी देशों को रुपये में कर्ज देना चाहता है आरबीआई, सरकार से माँगी मंजूरी

डॉलर कमजोर और रुपया मजबूत हो रहा है? इस सवाल का जवाब इतना आसान तो नहीं लेकिन एक बात जो अच्छी है वो ये कि आरबीआई रुपये को मजबूत करने की कवायद में जुटा है। आरबीआई चाहता है कि देश के बैंक विदेशी कर्ज लेनदारों को रुपये में कर्ज दें।

म्यूचुअल फंड कारोबार में उतरे अंबानी, जियोब्लैकरॉक एसेट मैनेजमेंट को सेबी की हरी झंडी

रिलायंस समूह की वित्तीय इकाई जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और अमेरिका की दिग्गज निवेश फर्म ब्लैकरॉक की संयुक्त उद्यम कंपनी जियोब्लैकरॉक एसेट मैनेजमेंट को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) से म्यूचुअल फंड कारोबार शुरू करने की मंजूरी मिल गयी है। जियोब्लैकरॉक ने मंगलवार को एक बयान में इसकी जानकारी दी।

भारत की जगह अमेरिका में आईफोन बनाने पर इतनी बढ़ जायेगी एप्पल की लागत

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से शुल्क को लेकर अपनी अप्रत्याशित नीति से दुनिया में हलचल मचा दी है। इस बार उनके निशाने पर दिग्गज अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनी ऐपल है। ट्रंप एप्पल को अपने आईफोन का विनिर्माण अमेरिका में करने के लिए कह रहे हैं।

वित्त वर्ष 2024-25 के लिए सरकार को रिकॉर्ड लाभांश देगी आरबीआई, पिछले साल से होगा 28% अधिक

हर साल की तरह इस साल भी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) सरकार की झोली करोड़ों रुपयों से भरने वाली है। इस बात की जानकारी खुद आरबीआई ने दी है। केंद्रीय बैंक ने 31 मार्च को खत्म वित्त वर्ष 2024-25 के लिए सरकार को रिकॉर्ड लाभांश हस्तांतरित करने को मंजूरी दे दी है।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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