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कालिंदी रेल को 99.99 करोड़ रुपये का ठेका

कालिंदी रेल निर्माण इंजीनियर्स लिमिटेड को दिल्ली एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन प्रोजेक्ट का 99.99 करोड़ रुपये के काम का ठेका मिला है। यह सूचना कंपनी ने बीएसई को भेजी गयी एक विज्ञप्ति के माध्यम से दी है। सुबह के कारोबार में 157 रुपये के उच्चतम स्तर तक जाने के बाद 11.26 बजे बीएसई में कालिंदी रेल के शेयर 2.3% की गिरावट के साथ 150.10 रुपये पर चल रहे हैं।

भारतीय बाजारों में लाली बरकरार

2.31: कमजोर वैश्विक संकेतों के मद्देनजर गिरावट के बीच खुले भारतीय शेयर बाजारों में कमजोरी बनी हुई है। इस समय सेंसेक्स 208 अंक नीचे 8.632 पर है, जबकि निफ्टी 50 अंकों की गिरावट के साथ 2,633 पर है। सीएनएक्स मिडकैप में 1.5% की कमजोरी है। एफएमसीजी को छोड़ कर बीएसई के बाकी सभी क्षेत्रवार सूचकांक लाल निशान में चल रहे हैं। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, तेल-गैस और ऑटो सूचकांकों में 3% से अधिक की गिरावट है। महिंद्रा एंड महिंद्रा में 8.51% की कमजोरी है। टीसीएस में 5.28%, मारुति सुजुकी में 5.25% और एचडीएफसी में 4.8% की गिरावट है। स्टरलाइट इंडस्ट्रीज में 4.78% और रिलायंस इंडस्ट्रीज में 4.37% की गिरावट है। लार्सन एंड टुब्रो और रिलायंस कम्युनिकेशंस में 3.5% से अधिक कमजोरी है। आईटीसी में 1.69% और रिलायंस इन्फ्रा में 1.43% की मजबूती है। 

कुछ अलग-सा दिसंबर

राजीव रंजन झा

साल के अंतिम महीने ने इस साल कुछ अलग अंदाज में दस्तक दी है। कल शुरुआती बढ़त के बाद बाजार जिस तरह से फिसला, वह अपने-आप में कोई अच्छा संकेत नहीं था। उसके बाद आज के अंतरराष्ट्रीय संकेतों को देखें, तो एकबारगी दिल दहल ही जाता है।

तीखी गिरावट के साथ खुल सकता है बाजार

पी के अग्रवाल, प्रेसिडेंट (रिसर्च), बोनांजा पोर्टफोलियो

आज वैश्विक संकेत काफी कमजोर लग रहे हैं। ऐसे में आज भारतीय बाजारों के कमजोर रहने की ही संभावना है और तीखी गिरावट के साथ शुरुआत (गैप डाउन ओपनिंग) हो सकती है। लेकिन गिरावट के साथ खुलने के बाद आज के कारोबार में कोई खास हलचल दिखने की संभावना नहीं लगती और एक दायरा बना रहेगा।

यूरोप-अमेरिका गिरे, एशिया में भी लाली

नेशनल ब्यूरो ऑफ इकानॉमिक रिसर्च ने यह घोषणा कर सोमवार को अमेरिका के शेयर बाजारों को सकते में डाल दिया कि दिसंबर 2007 से ही अमेरिका मंदी के चपेट में है। बयान की वजह से न केवल पिछले पांच कारोबारी दिनों से चल रही डॉव जोंस की मजबूती का क्रम खत्म हुआ, बल्कि इसने यह संकेत भी दे दिया कि पिछले सप्ताह की मजबूती बाजार को स्थिरता की ओर नहीं ले जा रही थी।

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