सर्राफा की कीमतों में तेजी का रूझान रहने की संभावना है जबकि मध्य-पूर्व के राजनीतिक संकट और अमेरिका तथा उत्तर कोरिया के बीच तनाव से कीमतों को दिशा मिल सकती है।
डॉलर के कमजोर होने के कारण सर्राफा की कीमतों में तेजी रहने की संभावना है।
सर्राफा की कीमतों में मिला-जुला रुझान रहने की संभावना है, जबकि डॉलर के कारोबार को मध्य-पूर्व के राजनीतिक संकट और अमेरिकी तथा उत्तर कोरिया के बीच तनाव से कीमतों को दिशा मिल सकती है।
सोमवार को सोने-चाँदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है।
डॉलर के मजबूत होने के कारण सर्राफा की कीमतों में नरमी दर्ज की जा सकती है।
पिछले तीन दिनों से सोने के भाव में तेजी देखी जा जा रही है।
सर्राफा की कीमतों के तेजी के रुझान के साथ सीमित दायरे में रहने की संभावना है।
स्थानीय ज्वैलर्स द्वारा खुदरा खरीदारी में बढ़ोतरी के चलते राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों 100 रुपये प्रति 10 ग्राम का उछाल देखा गया और भाव 31,950 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुएे।
देश में सोने की माँग जुलाई-सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर 10% बढ़ कर 183.2 टन हो गयी।
सर्राफा की कीमतों के सीमित दायरे में रहने की संभावना है। मगर निचले स्तर पर खरीदारी की जा सकती है।
मुख्यतः पेट्रोलियम उत्पादों, रत्नों-आभूषणों और चमड़े से बनी वस्तुओं के निर्यात में गिरावट की वजह से नवंबर 2019 में भारत का निर्यात (Export) साल-दर-साल 0.34% घट कर 25.98 अरब डॉलर रह गया।
सर्राफा में निचले स्तर पर खरीदारी हो सकती है। जबकि डॉलर के कारोबार से, अमेरिकी मुद्रास्फीति और जॉबलेस क्लेम के आँकड़ो से कीमतों को दिशा मिल सकती है।
सर्राफा में निचले स्तर पर खरीदारी हो सकती है।
सर्राफा में निचले स्तर पर खरीदारी होने की संभावना है।
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अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।
हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए।