मजबूत वैश्विक संकेतों के बावजूद मुनाफावसूली से सोना-चाँदी के भावों में गिरावट
मजबूत वैश्विक संकेतों के बावजूद कारोबारियों की मुनाफावसूली से मंगलवार को वायदा कारोबार में सोना 85 रुपये गिरकर 31,545 रुपये प्रति दस ग्राम पर आ गया।
मजबूत वैश्विक संकेतों के बावजूद कारोबारियों की मुनाफावसूली से मंगलवार को वायदा कारोबार में सोना 85 रुपये गिरकर 31,545 रुपये प्रति दस ग्राम पर आ गया।
मौसम भविष्यवक्ता एजेंसी स्काईमेट (Skymet) के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान गंगीय पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों पर मध्यम वर्षा के साथ ही कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की उम्मीद है।
मॉर्गन स्टैनले इंडिया इन्फ्रास्ट्रक्चर (Morgan Stanley India Infrastructure) द्वारा सहायक कंपनी में निवेश किये जाने की खबर का अशोक बिल्डकॉन (Ashoka Buildcon) के शेयर पर सकारात्मक पड़ा।
पंजाब ऐंड सिंध बैंक (Punjab & Sind Bank) ने 6 महीने और एक साल के लिए अपनी मौजूदा एमसीएलआर (MCLR) में बढ़ोतरी की है।
सरकार को उम्मीद है कि 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी अगस्त 2019 तक पूरी हो जाएगी और पांचवीं पीढ़ी की मोबाइल सेवा 2020 तक शुरू हो सकेगी।
कार्बन और ग्रेफाइट उत्पाद निर्माता कंपनी ग्रेफाइट इंडिया (Graphite India) के शेयर में करीब 1.5% की बढ़ोतरी दिख रही है।
गोदरेज इंडस्ट्रीज (Godrej Industries) का शेयर हल्के दबाव में दिख रहा है।
मैक्स इंडिया (Max India) के शेयर भाव में 5% से अधिक की बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
सरकार का माल एवं सेवा कर (GST) संग्रह नवंबर में 97,637 करोड़ रुपये रहा, जो अक्टूबर के एक लाख करोड़ रुपये के संग्रह से काफी कम है।
खबरों के अनुसार सीपीएसई ईटीएफ (CPSE ETF) और भारत-22 ईटीएफ (Bharat-22 ETF) के सफल एफएफओ (FFO) के बाद अब केंद्र सरकार ने पहले डेब्ट ईटीएफ (Debt ETF) के प्रबंधन के लिए संपत्ति प्रबंधन कंपनियों (Asset Management Companies) से आवेदन माँगे हैं।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने के कुछ घंटों के भीतर ही भूपेश बघेल ने सोमवार को किसानों के 61 अरब रुपये के कृषि ऋण को माफ करने की घोषणा की।
सोयाबीन वायदा (जनवरी) की कीमतों में 3,355 के नजदीक सहारा और 3,390 रुपये पर बाधा रहने की संभावना है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 14 महीने के निचले स्तर पर पहुँच गयी है।
खबरों के अनुसार केंद्र सरकार फरवरी में भारत-22 ईटीएफ (Bharat-22 ETF) का फॉलो-ऑन ऑफर (Follow on Offer) लाने की योजना बना रही है।
हाजिर बाजारों में हल्दी की कीमतें नरमी के दायरे में है और और पर्याप्त माँग के अभाव में कीमतों में रिकवरी नही हो रही है।